बदायूं, जनवरी 5 -- बिसौली। सिद्व बाबा इंटर कालेज शरह बरौलिया के मैदान पर चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन रविवार को कथावाचक प्रेममूर्ति पंकज मिश्र ने श्रीराम व भरत मिलाप के प्रसंग का वर्णन किया। जिसको सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे। कहा कि श्रीराम के वनवास जाने की जानकारी होने पर ननिहाल से लौटे भरत ने अवध का राजसिंहासन स्वीकार नहीं किया।राम,जानकी और लक्ष्मण से मिलने के लिए भरत व्याकुल हो उठते हैं। यज्ञ वेदी के पास मृगछाला पर जटाधारी श्रीराम वक्कल धारण किए बैठे हैं। वे दौड़कर रोते हुए राम के चरणों में गिर जाते हैं। भरत व छोटे भाई शत्रुघन को हृदय से लगा लेते हैं। माता-पिता व अयोध्या का हाल पूछते हैं। भरत के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए श्रीराम ने वनवास की अवधि को पूरा कर अयोध्या लौटने का वचन देते हैं। इस मौके पर सत्यपाल शर्मा, बृजेश ...