आगरा, जून 12 -- बाबा रंगूराम धाम, कैलाशपुरी में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव पं.गरिमा किशोरी ने भगवान श्रीराम व माता शबरी के अनुपम प्रेम एवं भक्ति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए नवधा भक्ति का महत्व बताया। कथा का रसपान कर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कथाव्यास ने कहा कि माता शबरी की निष्काम भक्ति, अटूट विश्वास और प्रभु के प्रति समर्पण ने उन्हें भगवान श्रीराम का साक्षात सानिध्य प्रदान किया, प्रभु बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि भक्त के निर्मल हृदय और सच्चे प्रेम को स्वीकार करते हैं, उन्होंने नवधा भक्ति का वर्णन करते हुए बताया कि संतों का संग, प्रभु कथा में प्रेम, गुरु सेवा, भगवान के गुणों का गान, मंत्र जाप, दृढ़ विश्वास, इंद्रिय संयम, संतोष, सरलता और पूर्ण समर्पण ही ईश्वर प्राप्ति का सरल मार्ग ...