बलिया, मई 9 -- हल्दी, हिन्दुस्तान संवाद। नीलम साध्वी ने बताया कि प्रभु श्रीराम के विवाह की कथा हमें प्रेम, मर्यादा, संस्कार और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देती है। क्षेत्र के पिंडारी गांव में चल रहे श्रीलक्ष्मी नारायण यज्ञ एवं संगीतमयी श्रीराम कथा के अंतिम दिन शुक्रवार की शाम साध्वी ने भक्तों को बताया कि श्रीराम तथा मां सीता का विवाह मंगलमयी और भक्तिभाव से भरा है।उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि मिथिला के राजा जनक ने धनुष यज्ञ का आयोजन किया था, जिसमें देश-विदेश से राजा पहुंचे थे। लेकिन इनमें किसी से भगवान शिव के धनुष को उठा न सका। इसी बीच गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया और मिथिला नगरी में हर्ष छा गया और विवाह की तैयारियां शुरू हो गई। अयोध्या से राजा दशरथ बारात लेकर मिथिला पहुंचे। इस ...