सीवान, मार्च 25 -- कथावाचक डॉ. लवी मैत्रेयी ने प्रभु श्रीराम को विवाह प्रसंग सुनाया। जिसे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि राम विवाह रामायण का एक अत्यंत पवित्र और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रसंग है, जो भारतीय परंपरा में आदर्श दांपत्य, मर्यादा और धर्म के पालन का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि मिथिला के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह हेतु स्वयंवर का आयोजन किया। स्वयंवर की शर्त अत्यंत कठिन थी-जो भी वीर शिव धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, वही सीता का पति बनने योग्य होगा। अनेक शक्तिशाली राजा और योद्धा इस कार्य में असफल रहे। तभी महर्षि विश्वामित्र के साथ आए श्रीराम ने सहज भाव से धनुष उठाया और जैसे ही उसे चढ़ाने का प्रयास किया, धनुष भंग हो गया। यह देखकर सभी उपस्थित जन आश्चर्यचकित रह गए और राजा जनक ने सीता...