बलिया, मई 1 -- फेफना, हिन्दुस्तान संवाद। शक्ति सम्राट महाराज ने सीता-राम विवाह प्रसंग का वर्णन सुनाकर श्रोताओं को विभोर कर दिया। कथा में बताया कि राजा जनक ने प्रतिज्ञा की थी कि जो शिव धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ायेगा, उसी से सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में देश-विदेश के तमाम राजा पहुंचे थे, लेकिन उनके अहंकार के कारण धनुष को हिला भी नहीं सके। इसी बीच गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते समय उसे भंग कर दिया। इसके श्रीराम और सीता का विवाह गुरु वशिष्ठ एवं शतानंद के देख-रेख में विधि विधान से हुआ। यह भी पढ़ें- हजारा भरकर निकाली गई शोभायात्राश्रीविष्णु महायज्ञ क्षेत्र के बघेजी स्थित नवनिर्मित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीविष्णु महायज्ञ आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यज्ञ के सातवें दिन शुक्रवार ...
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