बलिया, फरवरी 27 -- रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नवकुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ के छठवें दिन गुरुवार को देर शाम संगीतमयी श्रीराम कथा में पंडित गौरांगी गौरी ने राम सीता विवाह कथा, जनकपुर के धनुष यज्ञ, भगवान राम द्वारा शिव धनुष तोड़ने और सीता द्वारा वरमाला डालने के दिव्य प्रसंग को बड़े भाव और मधुर स्वर में श्रद्धालुओं को सुनाया। कथा में आगे उन्होंने कहा कि राजा जनक के शर्त के अनुसार कोई भी राजा शिव धनुष को नहीं तोड़ पाया। प्रभु श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव धनुष को तोड़ा और माता सीता ने हर्षित होकर श्रीराम के गले में वरमाला पहनाया। तत्पश्चात राम सीता विवाह संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे, इसलिए बेटा और बेटी में फर्क करना बंद करो। नहीं तो आने वाले दिन...
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