वाराणसी, मई 3 -- वाराणसी/अयोध्या, हिटी। रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के बाद जिस तरह जनसैलाब उमड़ा उससे यहां होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के निर्माण की बाढ़ ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया है। इस स्थिति को समझते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर समेत पूरे परिसर के अलावा अयोध्या धाम में प्रदूषण को लेकर सर्वे कराने का निर्णय लिया है।

प्रदूषण का सर्वे तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सर्वे के लिए बीएचयू पर्यावरण विज्ञान विभाग को चयनित किया है। मिली जानकारी के अनुसार बीएचयू कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के साथ ट्रस्ट शीघ्र ही अनुबंध भी करेगा। बीएचयू कुलपति प्रो चतुर्वेदी आईआईटी कानपुर से जुड़े रहे और आईआईटी रुड़की के निदेशक भी रहे हैं। राम मंदिर निर्माण में आईआईटी रुड़की व कानपुर समेत देश के सभी तकनीकी संस्थानों का बड़ा योगदान रहा है...