बस्ती, फरवरी 26 -- बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने गुरु वशिष्ठ रामायण कथा को विस्तार देते हुए गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र के बीच संघर्ष, समन्वय श्रीराम विवाह, आतंकवाद आदि के अनेक प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीरामचरित मानस विश्व ग्रंथ है। इसमें संसार के सभी प्रकार के समस्याओं के समाधान का स्वर है। संसद में सर्वसम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए। रामभद्राचार्य ने कहा कि जब राष्ट्र पर संकट आए तो संत समाज को एकजुट हो जाना चाहिए। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि संसार के लिए वे जगदगुरु हैं लेकिन पूर्वान्चलवासियों, बढ़नी मिश्र के लिए वह पारिवारिक सदस्य है। रामभद्राचार्य ने श्रीराम महिमा के गुणों का बखान करते हुए कहा कि वे पुरुष सिंह हैं। 'प्रात काल उठि कै रघ...