चंदौली, अप्रैल 20 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। सैदूपुर कस्बा स्थित राइस मिल प्रांगण में श्री राम सेवा समिति द्वारा आयोजित नवदिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन शनिवार को भक्ति और श्रद्धा का वातावरण अत्यंत भावपूर्ण बना रहा। कथा वाचिका आचार्या बाल विदुषी पूर्णिमा जी ने प्रथम दिवस की कथा को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्रीराम के बाल लीला प्रसंगों का मनोहारी वर्णन किया।उन्होंने बताया कि अयोध्या में भगवान राम का बाल रूप केवल लीलामय नहीं, बल्कि आदर्शों से परिपूर्ण था। बालक राम की सरलता, विनम्रता, माता-पिता के प्रति आज्ञाकारिता और भाइयों के प्रति स्नेह भाव हर व्यक्ति को संस्कारयुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में श्रीराम जन्म का मनमोहक वर्णन आचार्या ने कहा कि बाल्यकाल से ही भगवान राम में मर्यादा और धर्म के गुण विद्यमान थे, जो उन्ह...