हजारीबाग, मार्च 27 -- बरही, प्रतिनिधि। बरही के ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में नवरात्र और रामनवमी एक साथ मनायी गई। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की संचालिका रीना ने कहा कि रामनवमी केवल श्रीराम का जन्मोत्सव नहीं बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम बनना भी है। वे सभी प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाते हैं। यह उत्सव ज्ञान का प्रकटीकरण भी है। अज्ञानता का अंधकार दूर होने के बाद ज्ञान का रामनवमी उदय होता है। यह त्योहार मर्यादा पुरुषोत्तम बनने का त्योहार है। जीवन में विकारों को छोड़कर भगवान श्रीराम की तरह दिव्य गुणों और मर्यादाओं को धारण करने की प्रेरणा देता है। रामनवमी और नवरात्रि में वे अपनी आंतरिक शक्तियों को जगाते हैं। रामनवमी के दिन हम मर्यादा पुरुषोत्तम यानी पूर्णता की स्थिति को प्राप्त करते हैं। वहीं नवरात्रि के नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्...