सीवान, मार्च 26 -- जीरादेई, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव तितिरा बाजार में राम-जानकी मंदिर ठाकुर वाडी में चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ के आठवें दिन बुधवार को कथावाचक श्री मधुर दास जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के गुणों को गिनना असंभव है ,परंतु उनके गुण प्रोत्साहन ,रणनीति श्रीराम को मैनेजमेंट गुरु की संज्ञा दिलाता है । महाराज श्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का सबसे बड़ा गुण दूसरों को प्रोत्साहित करना था ।ये कार्य उन्होंने बचपन से ही किया ।अपने दोस्तों ,भाइयों ,अयोध्यावासीयों को समय- समय पर प्रोत्साहित किया ,तभी तो बानर व भालू जैसे मामूली से समझे जाने वाले जीवों ने भी लंका की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई । भगवान श्रीराम दोस्त एवम दुश्मन दोनों के मूल्य को समझे तभी तो मृत्यु शैय्या के निकट रावण के पास लक्ष्मण को ज्ञान...