चंदौली, फरवरी 25 -- शिकारगंज, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बा के प्राचीन हनुमान मंदिर पर सनातन सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन बीते सोमवार की शाम कथा व्यास हरिशानंद जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा और त्याग से सीख लेनी चाहिए। इससे परिवार और समाज में मर्यादा कायम रहता है। श्रीराम कथा परिवार और समाज को जोड़ने वाला कथा है। कथा वाचक ने प्रभु श्री राम के बालपन की मनोहारी लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम ऐसी बाल लीलाएं करते थे, कि माता कौशल्या सहित समस्त राज परिवार आनंदित हो उठता था। कभी वह घुटने के बल चलते तो कभी अपनी मुस्कान से सब का मनमोह लेते। राम के दिव्य स्वरुप को देखकर सभी को उनके असाधारण होने का आभास होता था। वही काकभुसुंडी के साथ प्रभु के लीला करने का वर्णन कथा वाचक ने किया। कहा जब भ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.