बदायूं, मार्च 30 -- उझानी रोड स्थित श्री संकट मोचन बाला जी मंदिर में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन भगवान श्री राम और माता जानकी के विवाह का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण ढंग से सुनाया गया। कथा व्यास पं. दिनेश मोहन शास्त्री ने शिव धनुष भंग और सीता स्वयंवर के वृत्तांत का जीवंत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महर्षि विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे श्री राम ने भगवान शिव के पिनाक धनुष को तोड़कर अहंकारी राजाओं का मान मर्दन किया। धनुष टूटते ही माता सीता ने श्री राम को वरमाला पहनाई। जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे। इस मौके पर प्रतिमा शर्मा, आशा शर्मा, ओम नारायण उपाध्याय, प्रतिक्षा, ज्योति, मितांशु, सुनीता और रेनू रस्तोगी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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