रांची, मार्च 18 -- रांची। पिस्कामोड़ स्थित हरे कृष्ण सत्संग ग्रुप में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा का समापन बुधवार को हुआ। वृंदावन के 82 वर्षीय कथाकार संगीत माधव दास ने बालकाण्ड के प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए प्रभु श्रीराम के प्राकट्य की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि भगवान का जन्म और कर्म साधारण मनुष्यों की तरह नहीं, बल्कि दिव्य और अलौकिक है, जिसे समझने मात्र से जीव जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। कथाकार ने माता कौशल्या की स्तुति और भगवान के चतुर्भुज रूप से शिशु रूप धारण करने की लीला का सजीव वर्णन किया। भजनों की प्रस्तुति पर हजारों भक्त भक्ति में सराबोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामजतन शर्मा, पंकज लाल, ओम प्रकाश स्वर्णकार सहित आयोजन समिति का सहयोग रहा।
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