मऊ, फरवरी 28 -- दोहरीघाट, हिन्दुस्तान संवाद। गोंठा हनुमान गढ़ी पर चल रहे दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा एवं शतचण्डी पाठ महायज्ञ में चल रहे श्रीरामकथा के चौथे दिन बाल व्यास रामाश्रय जी महाराज ने हनुमान जी के समुद्र लांघने और लंका के अशोक वाटिका में हनुमान जी द्वारा उथल पुथल किए जाने की कथा सुनाई। कहा कि आज हम अपनी सनातन संस्कृति बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। हम अपने चरित्र का निर्माण नहीं दूसरे के चरित्र को उछालने में लगे हुए हैं। प्रभु श्रीराम के साथ ही भरत के चरित्र का अनुसरण करने से जीवन नि:संदेह सुधर जाएगा। आज अयोध्या हर्षित है क्योंकि जिस राम को हम भज रहे हैं, गा रहे हैं, उनकी जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर बन गया है। जो सत्य सनातन व हिंदुओं का गर्व है। मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित कार्यक्रम में लेजर लाइटों से मंदिर के गर्भ गृह से लेक...