विकासनगर, दिसम्बर 23 -- बूढ़ा महादेव मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवद कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास ने कहा कि जन्म-जन्मांतर और युग-युगांतर के पुण्यों के उदय होने पर ही ऐसे अनुष्ठान संभव होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। बताया कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचता रहा है। भागवत पुराण उसी सनातन ज्ञान का प्रवाह है जो वेदों से प्रवाहित होता आया है, इसलिए इसे वेदों का सार कहा गया है।
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