सहारनपुर, मई 22 -- देवबंद। श्री गीता भवन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में चौथे दिन कथावाचक आचार्य विनय प्रकाश तिवारी ने भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य सार सुनाया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह ग्रंथ मनुष्य को संसार के मोह से निकालकर ईश्वर से जोडऩे का मार्ग दिखाता है। कथावाचक ने कहा कि भागवत सिखाती है कि मृत्यु अवश्यभावी है, इसलिए शरीर के नष्ट होने से पहले हमे अपनी आत्मा का कल्याण कर लेना चाहिए। कहा कि शुकदेव स्वामी ने राजा परीक्षित को उनके मूल स्वरूप का दर्शन कराकर उन्हें भयरहित कर दिया था। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण ही जीव को भवसागर से पार लगाता है। भागवत के अनुसार कलयुग में कठिन तपस्या या यज्ञ करना संभव नहीं है, इसलिए कलयुग में केवल भगवान के नाम का जाप और कीर्तन करने से ही मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। कथा के यजम...