कौशाम्बी, अप्रैल 3 -- नगर पंचायत सिराथू के मंझनपुर रोड स्थित सीता वाटिका में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज ने भक्तों को प्रथम स्कंद में श्रीमद्भागवत के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि प्रथम स्कंध में सर्वप्रथम ज शब्द से भागवत का प्रारंभ है और भागवत का विश्राम मां शब्द में होता है। जीवन में जो भागवत कथा श्रवण कर लेता है वह यमराज के बंधन से मुक्त हो जाता है। कथा व्यास ने आगे बताया कि भागवत में सत्य स्वरूप परमात्मा की स्तुति करके मंगलाचरण किया गया। भागवत के दशम स्कंध में नौ बार सत्य शब्द का प्रयोग है और अंत में भी सत्य शब्द का प्रयोग है जिसके जीवन में तीनों काल में सत्य स्वरूप भगवान का चिंतन होता है। उसका वर्तमान-भविष्य दोनों संभल जाते हैं। कहा कि भीष...