श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र के अभिमान को किया दूर
मुरादाबाद, जून 2 -- अमरपुर काशी में चल रही भागवत कथा के छटे दिन मंगलवार को कथा व्यास आचार्य ओम कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने इंद्र के अभिमान को दूर किया। उन्होंने रास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गोपियां साक्षत वेद के मंत्र बनाकर ब्रजमंडल में आए हैं। उन्होंने कहा कि 80 हजार कर्मकांड के मंत्र 16 हजार उपासना कांड के मंत्र गोपियां बनकर बृज में आए परमात्मा के समीप चले जाने का नाम उपासना है। भगवान कृष्ण ने गोपियों के संग रासलीला की आगे की कथा में उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने दुष्ट कंस का उद्धार किया। भगवान ने कंस से कहा तुम मेरे नेत्रों में देखो मैं तुम्हें मुक्ति प्रदान करूंगा। आगे उद्धव संवाद का प्रसंग सुनाया और कथा के अंतिम सत्र में भगवान का रुक्मणी के साथ विवाह का वर्णन किया, जिस को सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इसके पश्चात आरती...
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