शामली, जनवरी 9 -- कस्बे में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान शुक्रवार को कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। कथा में भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण और विस्तार से वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथावाचक द्वारिका प्रसाद ने भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि भक्ति और समर्पण का पावन संगम है। उन्होंने कहा कि माता रुक्मिणी की अटूट श्रद्धा और भगवान कृष्ण की करुणा इस विवाह कथा का मूल भाव है। कथा के दौरान द्वारिकाधीश के रूप में भगवान कृष्ण के वैभव, मंगल गीतों और शहनाइयों के साथ विवाह उत्सव का सजीव चित्रण किया गया। कथावाचक ने इस प्रसंग के माध्यम से बताया कि सच्ची भक्ति और विश्वास से ईश्वर स्वयं अपने भक्त की रक्षा और सम्मान के ल...