बुलंदशहर, मई 22 -- नगर के साठा स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हरि नाम संकीर्तन मंडल के 52वें वार्षिक महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कथा में वृंदावन से पधारे कथावाचक धनंजय महाराज ने भक्तों को भागवत महापुराण के गूढ़ प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि शृंगी ऋषि के श्राप के बाद राजा परीक्षित ने अपना राजपाट त्यागकर गंगा तट पर तपस्या का मार्ग अपनाया। उनके उद्धार के लिए महान ज्ञानी शुकदेव मुनि का आगमन हुआ, जिन्होंने उन्हें श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया। कथा के दौरान भगवान के विराट स्वरूप, सृष्टि की रचना तथा सर्ग-विसर्ग का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। इसके साथ ही विदुर और मैत्रेय संवाद तथा भगवान कपिल द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग, ...