आगरा, अक्टूबर 3 -- डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग ने इस्कॉन (ISKCON) के सहयोग से 'सर्टिफिकेट कोर्स इन 'भगवद गीता' शुरू किया। विभाग के प्रो. बी.डी. शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया यह तीन महीने का कोर्स है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को श्रीमद् भगवद्गीता के माध्यम से धर्म, संस्कृति और जीवन के शाश्वत मूल्यों से जोड़ना है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गीता के सिद्धांत आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं और युवाओं को जीवन मूल्यों से अवगत कराने में सहायक होगी। बता दें कि इस कोर्स में कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग जैसे महत्वपूर्ण विषय...