आगरा, अप्रैल 24 -- तीर्थ नगरी में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन गोवर्धन पूजा और श्री कृष्ण लीलाओं के प्रवचन सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। श्रीमद्भागवत कथा वाचक रामजी भाई ने गोवर्धन पूजा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के द्वारा इंद्र के अभिमान का हरण और गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने की कथा का वर्णन भी किया। शुक्रवार को कथावाचक रामजी भाई ने श्रद्धालुओं को बताया कि गोवर्धन पूजा का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कर यह सिखाया कि हमें प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान की भावना रखनी चाहिए। यह भी पढ़ें- गोवर्धन पूजा व माखन चोरी लीला से भावविभोर हुए श्रद्धालु कथा के उपरांत गोवर्धन महाराज को छप्पन भोग अर्पित किया गया। कथा प्रवचन के...