मुजफ्फरपुर, मई 22 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पुरानी बाजार स्थित बोहरा हाउस में शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा वाचक आचार्य रितु रंजन ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला अमृत स्वरूप ज्ञान है। इस दौरान आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप एवं उनकी दिव्य लीलाओं का वर्णन किया।आचार्य ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा एवं धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण भी इसी उद्देश्य से हुआ। कथा में पूतना वध, शकटासुर उद्धार, तृणावर्त वध तथा भगवान की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। यह भी पढ़ें- लोक व्यवहार की शिक्षा देती हैं भगवान की लीलाएं : आचार्य भारतभूषण कथा में भजन-कीर्तन पर श्रद्धालु झूम उठे।...