जौनपुर, फरवरी 4 -- जफराबाद (जौनपुर), हिन्दुस्तान संवाद।मनुष्य का हृदय संसार रूपी सागर के समान है। जहां अच्छे और बुरे विचार देवता तथा दानव की भांति संघर्ष करते हैं।कथा मनुष्य को मोह-माया से दूर रहते हुए सत्कर्म अपनाने की प्रेरणा देती है।उक्त बाते तालामझवारा पड़ान शारदा प्रसाद पाण्डेय के आवास पर चल रहे सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के तीसरे मंगलवार के देर शाम को काशी से पधारे कथावाचक पंडित निलेश जी महाराज वेंकटेश महाराज ने जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य के पाप-पुण्य का फल इसी जीवन में मिलता है। इससे मनुष्य को अपने कर्मों का बोध होता है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को जीवन की त्रिवेणी बताते हुए कहा कि इन मार्गों से व्यक्ति सही दिशा प्राप्त करता है।श्रीकृष्ण की भक्ति पाप विमोचन का मार्ग है। संकट के समय आस्था मनुष्य को दृ...