श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के नष्ट होते है पाप
सिद्धार्थ, जुलाई 19 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। श्रीमद्भागवत कथा एक पवित्र ग्रंथ है, जिसका महत्व भक्तों के लिए बहुत गहरा है जो मोक्ष और शांति प्रदान करती है। इससे जीवन के लौकिक और आध्यात्मिक विकास में मदद मिलती है। यह सभी वेदों का सार है, इसे सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मन शांत होता है। ये बातें डुमरियागंज नगर पंचायत के गांधी नगर वार्ड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार रात कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री ने कही।कथावाचक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को ईश्वर के श्रीचरणों से निष्काम प्रेम करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि नारद जी को भगवान के चरणों से निष्काम प्रेम था, इसीलिए उन्हें भगवान का सानिध्य प्राप्त हुआ। यही उपदेश नारद जी ने महर्षि वेदव्यास जी को दिया। जब 17 पुराणों का अध्ययन करने के बाद भी व्यास जी को स...
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