अमरोहा, मार्च 10 -- हसनपुर, संवाददाता। क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा व्यास मोहित भारद्वाज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। झांकी भी प्रस्तुत की गई। प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथा व्यास ने बताया कि पर्वत राज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वत राज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थी। एक दिन पर्वत राज के घर में नारद मुनि पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बारात लेकर पहुंचे त...