औरैया, मार्च 10 -- अछल्दा, संवाददाता। अछल्दा विकासखंड के ग्राम तेहराजपुर में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। मंगलवार को आयोजित कथा में आचार्य प्रदीप शुक्ला ने कहा कि संतान को सही मार्ग पर चलाने में माता की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संतान को सबसे अधिक स्नेह अपनी मां से मिलता है, इसलिए मां का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे और उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे, ताकि वे जीवन में आगे बढ़कर अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकें। कथा के दौरान उन्होंने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब प्रह्लाद भगवान विष्णु...