अमरोहा, मई 13 -- हसनपुर। क्षेत्र के गांव उधमपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक देव कृष्ण महाराज ने भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति का भावपूर्ण वर्णन सुनाया। बताया कि जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढ़ने लगा तब दैत्यराज हिरण्याक्ष ने अपने बल के अहंकार में पृथ्वी को पाताल लोक में ले जाकर संपूर्ण सृष्टि को संकट में डाल दिया। तब भगवान वराह ने वराह अवतार धारण कर हिरण्याक्ष का वध किया और पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया।इसके पश्चात हिरण्याक्ष के भाई हिरण्यकशिपु ने अपने भाई की मृत्यु का बदला लेने के लिए कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया और स्वयं को सबसे शक्तिशाली समझने लगा। उसने अपने राज्य में भगवान का नाम लेना तक बंद करा दिया, लेकिन उसका पुत्र भक्त प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का...