बांदा, फरवरी 17 -- बांदा। संवाददाता अतर्रा जनपद के ग्राम पचोखर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन का आयोजन बेहद उत्साहपूर्ण रहा। व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक पं. आदित्य शास्त्री राजस्थान ने महाभारत की कथा सुनाते हुए द्रौपदी के पांच पुत्रों की अश्वत्थामा द्वारा की गई हत्या का भावपूर्ण वर्णन किया। तीसरे दिन की कथा के दौरान कथावाचक ने नारी शक्ति को केंद्र में रखकर महत्वपूर्ण कथाएं सुनायी। कहा कि नारी अबला नहीं है, बल्कि वह एक शक्तिशाली अस्तित्व है जिसमें अभूतपूर्व ऊर्जा समाहित है। नारी को अपनी इस शक्ति को पहचानना चाहिए और इसे सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए। नारी न केवल अपने परिवार को संवार सकती है, बल्कि आसपास के वातावरण को भी सींचकर एक स्वच्छ और सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकती है
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