वाराणसी, अप्रैल 28 -- वाराणसी, संवाददाता। रथयात्रा स्थित कन्हैया लाल गुप्ता मोतीवाला स्मृति भवन दाऊजी उपवन में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन रहा। इस अवसर पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा वाचक डॉ. संजय कृष्ण सलिल ने ध्रुव और नारायण के बीच के संबंध का उल्लेख करते हुए कथा शुरू की। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष का बालक ध्रुव महल में खेलते खेलते अपने पिता की गोद में बैठ गया। यह सौतेली मां सुरुचि को पसंद नहीं आया। उन्होंने ध्रुव का हाथ पकड़कर धक्का दिया और कहा कि तुम्हारा स्थान पिता की गोद नहीं है। तुम नारायण का भजन करो, तुम्हें परमात्मा की गोद मिल जाएगी। यह भी पढ़ें- भरत से हुआ भारतवर्ष : आचार्य स्वतंत्र मिश्र यह बात सुनकर ध्रुव ने नारायण की कठोर तपस्या की और दुर्लभ ध्रुवलोक को प्राप्ति किया। कथा में महाराज ने गजेंद्र मोक्ष, बलि वामन चरित...
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