मुजफ्फरपुर, जनवरी 25 -- बंदरा। एक संवाददाता। घोसरामा स्थित ब्रह्मस्थान परिसर (पुस्तकालय) में रविवार को नवयुवक नाट्य कला परिषद सह सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा वाचिका निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत कथा जीव को अभय बना देती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है। इससे पहले आचार्य फुलकांत झा, विजय कुमार झा एवं मनोरंजन झा की अगुवाई में मुख्य यजमान नवीन कुमार ने व्यास पूजन...