मथुरा, जनवरी 4 -- रमणरेती मार्ग स्थित फोगला आश्रम में श्रीहित उत्सव चैरिटेबल ट्रस्ट एवं श्रीमद्भागवत कथा परिवार रायपुर (छत्तीसगढ़) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ठाकुरश्री विजय राधावल्लभ लाल व ठाकुरश्री प्रियावल्लभ लाल महाराज के द्वादश दिवसीय 212वां पाटोत्सव आयोजित किया जा रहा है। रविवार को व्यासपीठ से ललित वल्लभ नागार्च ने कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। इसका श्रवण करने से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। इसके श्रवण से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही जन्म व मृत्यु के भय का भी नाश हो जाता है।जीव के कल्याण के लिए यदि सबसे उत्तम ग्रंथ है, तो वह श्रीमद्भागवत महापुराण है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में समस्त वेदों, पुराणों, उप पुराणों, शास्त्रों व उपनिषदों आदि धर्मग्रंथों का सार निहित है।इसका...