मुजफ्फर नगर, जून 20 -- मुजफ्फरनगर पावन नगरी शुकतीर्थ में भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विधि-विधान से शुभारंभ हो गया। कथा से पूर्व 51 महिलाओं ने सिर पर पवित्र गंगाजल का कलश धारण कर परिक्रमा की और शुकदेव मंदिर पहुंचीं।कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल ने प्रथम दिन अध्यात्म का महत्व समझाते हुए कहा कि पूर्व जन्म के पुण्यों के उदय होने पर ही ऐसा शुभ अवसर मिलता है। जिस तरह तन को स्वस्थ रखने के लिए भोजन जरूरी है, उसी तरह मन को स्वस्थ रखने के लिए अध्यात्म आवश्यक है। महाराज जी ने गोकर्ण और धुंधकारी का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि कैसे अध्यात्म से दूर होकर धुंधकारी प्रेत योनि में गया और गोकर्ण जी ने भागवत कथा के आश्रय से उसे मुक्ति दिलाई। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु कथा के दौरान महाराज के मधुर भजन...