बुलंदशहर, मई 11 -- श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर कालोनी में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन संतोष महाराज भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। जिसमें पूतना वध और माखन चोरी के प्रसंगों को वर्णन किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। गोवर्धन लीला हमें सिखाती है कि यदि हम संगठित हों और ईश्वर पर विश्वास रखें, तो हम सबसे बड़ी बाधा को भी पार कर सकते हैं। जब श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव की पूजा करने से मना कर दिया और गोवर्धन की पूजा करने के लिए बोला, तो इंद्रदेव नाराज हो गए। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण के जन्मोत्सव का वर्णन उन्होंने तेज बरसात की। जिस पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रज वासियों की रक्षा की। कथा के दौरान व्यास द्वारा भज...