बुलंदशहर, मई 10 -- नगर की श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन व्यास संतोष महाराज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है। तब-तब भगवान किसी ना किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं। उन्होंने चौथे दिन की कथा में गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार और श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि मथुरा के राजा कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में अवतार लिया। भगवान के जन्म लेते हुए कारागार के ताले स्वयं खुल गए और वासुदेव बाल रूप श्रीकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल तक पहुंचा आए। कथा के दौरान झांकियों के माध्यम से भगवान के बाल स्वरूप का दर्शन कराया गया। जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि भागवत कथा ना केवल मन को शांत...