दरभंगा, मई 3 -- बिरौल। सुपौल बाजार स्थित सद्गुरु कबीर विद्यापीठ में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को हवन-पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कथावाचक आचार्य विनय कृष्ण व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निश्छल मित्रता का मार्मिक वर्णन किया। प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान 'ब्रज के रसिया, कृष्ण कन्हैया' भजन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। सुबह यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन शुरू हुआ। मुख्य यजमानों ने विश्व कल्याण, सुख-शांति व समृद्धि की कामना से आहुति दी। पूर्णाहुति के बाद व्यासपीठ से आशीर्वाद देते हुए आचार्य ने कहा कि भागवत केवल सुनने का नहीं, जीवन में उतारने का ग्रंथ है।

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