अमरोहा, मार्च 8 -- क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन शुक्रवार देर शाम कथा वाचक मोहित भारद्वाज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंगों का वर्णन किया। भक्तों ने ध्यानपूर्वक कथा का श्रवण किया। कथा वाचक मोहित भारद्वाज ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भक्ति के दो पुत्र हैं ज्ञान और वैराग्य, जो संसार में मोह के कारण वृद्ध हो गए हैं। भागवत कथा के श्रवण से ये दोनों फिर युवा हो जाते हैं। दिव्य ज्ञान मनुष्य के भीतर की आसक्ति, ममता और अज्ञान की गांठ को काट डालता है। कथा भागवत के महत्व को दर्शाती है कि कैसे पापी व्यक्ति का भी उद्धार हो सकता है। अगर भक्त पूरे सात दिनों तक श्रद्धा से श्रीमद्भागवत कथा सुने तो उसे निश्चित ही परमात्मा की प्राप्ति होती है। कथा का मुख्य उद्देश्य सांसारिक दुखों से मुक्त होकर भक्ति प्राप्...