मिर्जापुर, जून 17 -- जिगना। क्षेत्र के गोसीपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमदभागवत कथा के तृतीय दिवस पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथावाचक वत्सल महराज ने सृष्टि वर्णन, वराह चरित्र, शिव पार्वती विवाह का वर्णन किया। कथा वाचक ने कहा कि मां पार्वती अमरकथा पान कराने की इच्छा व्यक्त किया। श्रीमद्भागवत और रामचरितमानस भारतीय जनमानस की जीवन रेखा है। त्रेता, द्वापर से लेकर कलियुग तक आदर्श समाज इन्हीं महा ग्रंथों से संचालित होगा। शिव- पार्वती के विवाह का वर्णन करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव स्तुति करते हुए कहा कि बरगद के पेड़ के नीचे निवास करने वाले प्रचंड अट्टहास करने वाले सदा दिव्य प्रकाशमान शिव जो पार्वती के स्वामी हैं। गणों के स्वामी गणेश देवताओं के ईश्वर सुरेश और सबके महेश्वर महेश हैं। यजमान राम आसरे पांडेय,लक्ष्म...