चंदौली, दिसम्बर 7 -- टांडाकला, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के कल्यानपुर गांव में जयराम चौबे के अहाते में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन कथा वाचक अखिलानन्द ने मंगलाचरण की विस्तृत व्याख्या किया। कथा व्यास ने बताया कि किसी भी शुभ कार्य करने से पूर्व उस कार्य का मंगलाचरण किया जाता है ताकि सभी दोष मिट सके। वही मंगलाचार से किया कार्य मंगलमय होता है। मंगलाचरण में किसी भी देवी, देवता नहीं होते बस केवल जीव के अराध्य देव की अराधना कर उन्ही के उपर सब कुछ छोड़ दिया जाता है, यही मंगलाचरण का मूल उद्देश्य है। कहा श्रीमद्दभागवत कथा किताब नहीं है कल्पवृक्ष समान है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य सात जन्मों के पाप से मुक्त हो जाता है और उसके जीवन का उद्धार हो जाता है। इस पुराण में संस्कार, संस्कृति, सभ्यता सहित राष्ट्र निर्माण करने में अचूक...
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