कानपुर, नवम्बर 28 -- दिल्ली में दमदारी के साथ कानपुर की आवाज रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल दुनिया में नहीं रहे। पिता गंगा प्रसाद जायसवाल के साथ पहले उन्होंने परिवार के लिए संघर्ष किया। फिर राजनीति में आकर दिल्ली की कुर्सियों तक का सफर तय किया। लोगों ने महसूस किया कि संघर्ष हो तो किस्मत भी सिर झुका देती है। लगातार तीन बार कानपुर की आवाज लोकसभा में बुलंद करने वाले समन्यवादी राजनीतिज्ञ श्रीप्रकाश जायसवाल दुनिया को अलविदा कहकर एक ऐसी कमी छोड़ गए हैं, जिसे पूरा करना मुश्किल होगा। 25 सितंबर 1944 को जन्मे श्रीप्रकाश जायसवाल ने महापौर से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया। समकालीन राजनीति में उनके कद का नेता मध्य उप्र में फिलहाल नहीं दिखता।खुद के मकान का छज्जा तुड़वाकर शुरू कराया अभियान सुतरखाना निवासी राजेंद्र द्विवेदी, ...
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