वाराणसी, जनवरी 24 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं अद्भुत हैं। उन्होंने जगत कल्याण के लिए विषमता में समता की स्थापना के साथ प्रदूषण मुक्त समाज की स्थापना की। ये विचार भागवतवक्ता आचार्य तुंगनाथ त्रिपाठी के हैं। वह करौंदी स्थित महामना नगर कॉलोनी में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सृष्टि के पांच तत्वों को प्रदूषण से मुक्त किया। व्योमासुर का वध कर आकाश को, तृणावर्त से वायु को, कालिया दमन कर जल को, मृदाभक्षण कर पृथ्वी को और अग्निपान करके अग्नि तत्व को शुद्ध किया। वह केवल वस्त्र नहीं चुराते बल्कि अपने भक्तों के पाप को भी चुराते हैं। शत्रु के प्रति भी समता का भाव रखते हुए स्तनों में विष भरकर बालकृष्ण को मारने आई पुतना को भी मां की गति प्रदान की। यह उनकी ...