जौनपुर, फरवरी 3 -- नौपेड़वा, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय बाजार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान कथा के अंतिम दिन रविवार की रात कथा व्यास आचार्य वाचस्पति महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम तो श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम कहलाए। कथा का आयोजन अमृतलाल सेठ के आवास परिसर में हुआ। कथा वाचक ने कहा की श्रीकृष्ण और श्रीराम के काल में बहुत बड़ा अंतर है। श्रीराम ने जो किया वह अनुकरणीय है परन्तु श्रीकृष्ण ने जो किया वह आदरणीय है। वाचस्पति महाराज ने कहा कि परमात्मा को कम लोग चाहते हैं परन्तु परमात्मा से ज्यादा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि द्रोपदी की दीनता, प्रहलाद की प्रार्थना एवं कलि की गुहार सुन कर भगवान नंगे पैरों दौड़े चले आए। उन्होंने कहा कि जुआ औ...