बलिया, दिसम्बर 15 -- गड़वार, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के दामोदरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को व्यास पं.शीतल प्रकाश ने सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की सच्ची, नि:स्वार्थ और निश्चछल मित्रता थी। यही वजह है कि बिना याचना के श्रीकृष्ण ने गरीब सुदामा का उद्धार किया और सुदामा की स्थिति को सुधारा। कंस वध प्रसंग में बताया कि श्रीकृष्ण मथुरा पहुंचकर कंस के बुलावे पर उसके शक्तिशाली पहलवानों चाणूर, मुष्टिक और अंततः स्वयं कंस का वध करते है, उसे सिंहासन से खींचकर,केश पकड़कर वध कर मथुरा को अत्याचार से मुक्त कराते है। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है,भगवान अवतार लेते हैं। कथावाचक ने गोवध का विरोध और गौ सेवा करने पर जोर दिया। कथा समापन आरती हुई, कथा यज्ञ में यजमान के रूप में पू...