गोंडा, अप्रैल 28 -- छपिया, संवाददाता। मसकनवा बाजार के तुरकौली गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण और रुक्मिणी विवाह महोत्सव मनाया गया ।भव्य झांकी सजाई गई। कथा व्यास आचार्य पंकज ने कृष्ण और रुक्मिणी विवाह मार्मिक वर्णन किया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। मुख्य यजमान विजय प्रताप सिंह ने पूजन कराया । कथा व्यास ने बताया कि विदर्भ नरेश की पुत्री रुक्मिणी भगवान कृष्ण की परम भक्त थीं। उन्होंने मन ही मन कृष्ण को अपना पति स्वीकार कर लिया था। किंतु उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से निश्चित कर दिया। इस निर्णय से रुक्मिणी अत्यंत व्यथित हो उठीं। रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से भगवान कृष्ण को संदेश भेजा। जिसमें उन्होंने अपने हृदय की व्यथा प्रकट करते हुए कहा कि वह उन्हें ही अपना सर्वस्व मान चुकी हैं। उन्होंने आग्रह किया कि विवाह से ...