मुजफ्फर नगर, मई 9 -- मुजफ्फरनगर। श्री श्यामाश्याम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास पंडित गंगोत्री तिवारी ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार शरद पूर्णिमा की रात बंसी की तान सुनकर गोपियां सुध-बुध खोकर यमुना तट पर खिंची चली आईं। कथा में उद्धव-गोपी संवाद के माध्यम से समझाया कि जब कृष्ण के सखा उद्धव को अपने ज्ञान पर अहंकार हुआ, तो प्रभु ने उन्हें ब्रज भेजा। वहां गोपियों का निस्वार्थ प्रेम देख उद्धव का अहंकार टूट गया और वे भी कृष्ण भक्ति में सराबोर हो गए। कथा व्यास ने कंस वध, माता देवकी और पिता वसुदेव की कारागार से मुक्ति तथा रुक्मिणी विवाह का प्रसंग विस्तार से सुनाया। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा में बाल लीलाओें का वर्णन उन्होंने बताया कि कैसे श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी की प्रार्थना पर उन्...