सिद्धार्थ, मार्च 23 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार की रात कथावाचक आचार्य रवि शंकर शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह संबंधित प्रसंग का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालुभाव विभोर हो गए। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ महारास रचाते हैं। गोपी स्वयं देवता हैं, ऋषि हैं, दिव्या हैं व भक्त हैं।उन्होंने कहा कि प्रभु ने गोपियों का परीक्षा ली, फिर स्वीकार किया। भगवान प्रेम वालों को ही मिलते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह की कथा को सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। वही कंस वध का प्रसंग सुनाकर कथावाचक ने लोगों से अहंकार से बचने की अपील की। कथा के दौरान प्रस्तुत की गई श्रीकृष्ण व रुक्मणी की झांकी ने सभी का मन मोह लिय...