उरई, मार्च 12 -- जालौन। गूढ़ा में स्थित श्रीशनिधाम में गणपति नव कुंडीय महायज्ञ एवं भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। पंडित मिथलेश महाराज यज्ञ क्रियाएं संपन्न करा रहे हैं। चौथे दिन कथा व्यास गुरुप्रसाद रामायणी ने बालि वामन की कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान के अवतार ने बालि से तीन पग भूमि मांगी थी और उन्होंने दो पग में ही आकाश व पाताल को नापकर बालि का अभिमान चूर कर दिया था। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब कंस का अहंकार बढ़ गया और वह अच्छाई और बुराई का भेद भूल गया तब भगवान को मनुष्य रूप में पृथ्वी पर प्रकट होना पड़ा। श्रीकृष्ण का मथुरा की जेल में प्राकट्य होने के बाद वासुदेव ने रातों-रात उन्हें गोकुल में नंद बाबा के यहां पहुंचा दिया और उनके यहां जन्मी पुत्री को देवकी की गोद में दे दिया। उधर, गोकुल में जै...