गोड्डा, जनवरी 28 -- महागामा, प्रतिनिधि। महागामा प्रखंड क्षेत्र के बिशनपुर गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। कथावाचक पूज्य शरण जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनके दिव्य चरित्र और धर्म स्थापना के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले मार्गदर्शक हैं। उनके जीवन का प्रत्येक प्रसंग हमें धैर्य, प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।कथा के दौरान महाराज जी ने प्रेम और क्रोध के विषय पर भी विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रेम मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाता है, जबकि क्रोध उसे पतन की ओर धकेल देता है। जहां प्रेम है, वहां शांति, सहयोग और सद्भाव स्वतः उत्पन्न होते हैं, लेकिन...