मुजफ्फर नगर, जून 12 -- खतौली। त्रिवेणी शुगर मिल स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर प्रांगण में चल रही सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा का समापन शुकदेव विदाई और कलियुग वर्णन के साथ हुआ। अंतिम दिन की कथा के मुख्य यजमान उप महाप्रबंधक (नवाचार एवं गुणवत्ता नियंत्रण) राजेश सिंह और आशीष शर्मा सपरिवार रहे। कथा व्यास पंडित गंगोत्री तिवारी मृदुल ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके बाल सखा सुदामा की निष्काम मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि प्रभु को धन नहीं, बल्कि भक्त का सच्चा भाव चाहिए। कथा में आगे राजा परीक्षित मोक्ष और कलियुग के लक्षणों का वर्णन किया। कथा वाचक ने कहा कि 18,000 श्लोकों वाली भागवत का सार निष्काम भक्ति है और कलियुग में केवल हरि नाम संकीर्तन ही मोक्ष का मार्ग है। यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुन भावुक हुए श्र...